রবিবার, ১৩ জুন, ২০২১

जी-7 की बैठक के बाहर पाकिस्तान का गंदा खेल, कश्मीर और पीएम मोदी के खिलाफ करवा रहा दुष्प्रचार

लंदन ब्रिटेन में जारी दुनिया के सात सबसे बड़े अर्थव्यवस्था वाले देशों के सम्मेलन G7 में भी पाकिस्तान अपनी गंदी हरकतों से बाज नहीं आ रहा। कार्बिस बे में जुटे इन देशों का ध्यान खींचने के लिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को तैनात किया है। इन लोगों के हाथ में कश्मीर को लेकर दुनिया में भ्रम फैलाने वाली बातें लिखी गई हैं। इतना ही नहीं, कई प्रदर्शनकारियों के हाथ में प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा वाले पोस्टर भी देखे गए हैं। G7 की बैठक में प्रदर्शन क्यों करवा रहा पाकिस्तान दरअसल, पाकिस्तान अब भी भ्रम पालकर बैठा है कि जी-7 के शक्तिशाली देश कश्मीर पर उसका साथ देंगे। इसके अलावा पाकिस्तान यह मान रहा है कि लिए कश्मीर के मुद्दे पर दुनिया का ध्यान खींचने के लिए जी-7 की बैठक एक स्वर्णिम अवसर भी है। इसे कवर करने के लिए पूरी दुनिया की मीडिया यहां जमा है। पाकिस्तान यह अच्छी तरह से जानता है कि अगर उसने यहां प्रदर्शन किया तो इसे सभी देशों में दिखाया जाएगा। यही कारण है कि आईएसआई ने अपने लोगों को प्रदर्शन के लिए यहां भेजा है। पीएम मोदी की जी-7 में मौजूदगी से इमरान को जलन इस बार के शिखर सम्मेलन में भारत को भी विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जी-7 की बैठक को संबोधित किया। ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने प्रधानमंत्री मोदी को इस समिट में शामिल होने के लिए विशेष तौर पर आमंत्रित किया था। इमरान खान बस इसी बात से चिढ़े हुए हैं। उन्हें लगता है कि इन नेताओं के सामने पीएम मोदी की बुराई करवाकर वे कुछ हासिल कर सकते हैं। शुक्रवार को बोरिस जॉनसन ने की थी शुरुआत शुक्रवार को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने वैश्विक असमानता से निपटने के प्रस्ताव के साथ इस शिखर सम्मेलन की शुरूआत की। उन्होंने उद्घाटन भाषण में कहा कि दुनिया को 2008 के वित्तीय संकट की गलतियों से सीखने और असमानता के निशान से निपटने की बहुत जरूरत है। शुक्रवार को पहले दिन की बैठक के बाद जी-7 के सभी नेता ब्रिटिश महारानी क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय के महल में डिनर के लिए पहुंचे थे। क्या है G-7? जी-7 दुनिया की 7 बड़ी विकसित अर्थव्यवस्था वाले देशों का समूह है। इसमें अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जापान, जर्मनी, इटली और कनाडा शामिल हैं। इसकी पहली शिखर बैठक 1975 में हुई थी लेकिन तब इसके सिर्फ 6 सदस्य थे। 1976 में कनाडा भी इसके साथ जुड़ गया जिसके बाद इसे 'ग्रुप ऑफ सेवन' नाम मिला। इस बार से शिखर सम्मेलन के लिए जी-7 के अध्यक्ष के नाते ब्रिटेन ने भारत, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया और दक्षिण अफ्रीका को आमंत्रित किया है।


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