বুধবার, ১৬ জুন, ২০২১

यमन में बच्चों के हत्यारों को हूती विद्रोहियों ने दी तालिबानी सजा, बीच चौराहे पर AK-47 से मारी गोली

सना यमन की राजधानी सना में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने बच्चों के हत्यारों को तालिबानी सजा दी है। राजधानी सना पर कब्जा कर चुके इन विद्रोहियों ने तीन आरोपियों को भीड़ भरे चौहारे पर ले जाकर गोलियों से भून दिया। मरने के बाद इन लोगों की लाशों को कालीन में लपेटकर वहां से हटा दिया गया। इस दौरान तैनात सुरक्षा गार्ड उन आरोपियों पर हंस रहे थे। यमन में 2018 के बाद से ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी अपराधी को सार्वजनिक रूप से मौत की सजा दी गई है। जेल के कपड़े पहने हुए थे आरोपी हत्या के आरोपियों की पहचान 40 साल के अली अल-नामी, 38 साल के अब्दुल्ला अल-मखली और 33 साल के मोहम्मद अरमान के तौर पर हुई है। ये तीनों यमन के ही निवासी थे। इन तीनों को जब सना के तहरीर स्क्वायर पर लेकर जाया गया तब ये जेल के नीले रंग वाले जंपसूट पहने हुए थे। थोड़ी ही देर बाद इन लोगों को एक कालीन पर आमने-सामने लिटा दिया गया। एके-47 से आरोपियों की पीठ में मारी गई गोली सैकड़ों लोगों की भीड़ के सामने हरे रंग की सेना की वर्दी और काले दस्ताने पहने जल्लाद ने इन तीनों की पीठ पर एके-47 से बारी-बारी गोली मारी। इतनी नजदीक से एके-47 जैसे घातक रायफल की गोलियों से इन आरोपियों की तत्काल मौत हो गई। मरने के बाद इनके शवों को लाल कालीन में लपेटकर दूसरी जगह लेकर जाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गोली मारने के दौरान जल्लाद मुस्कुरा रहा था। 2018 के बाद से यमन में पहली सार्वजनिक मौत बताया जा रहा है कि अगस्त 2018 के बाद से राजधानी सना में सार्वजनिक रूप से किसी को मौत की सजा देने का यह पहला मामला था। गोली मारने के बाद विद्रोहियों ने इन तीनों के शवों को कुछ देर के लिए क्रेन की सहायता से कुछ देर के लिए हवा में लटका दिया। ऐसा लोगों में अपराध को लेकर खौफ पैदा करने के लिए किया गया। यमन में तीन साल से जारी है गृहयुद्ध यमन में सऊदी अरब के नेतृत्व में गठबंधन देशों की सेनाएं हूती विद्रोहियों के साथ जंग लड़ रही हैं। इस युद्ध के दौरान यमन में 130,000 लोगों की मौत हो चुकी है। कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का आरोप है कि मरने वालों में अधिकतर बच्चे और महिलाएं शामिल हैं। इस जंग ने यमन में दुनिया के सबसे खराब मानवीय संकट को जन्म दिया है। ये विद्रोही यमन की सीमा से सऊदी अरब के तेल के डिपो और रिफाइनरियों पर आए दिन ड्रोन और मिसाइल हमले करते रहते हैं। हूती ने सऊदी के संघर्षविराम प्रस्ताव को ठुकराया इस साल मार्च में सऊदी अरब ने हूती विद्रोहियों को संघर्ष विराम का प्रस्ताव दिया था। लेकिन, विद्रोहियों ने इस प्रस्ताव को ठुकराते हुए मारिब शहर के चारों ओर लड़ाई जारी रखी हुई है। उनका कहना है कि इस शहर पर कब्जे के बाद ही वह किसी प्रस्ताव पर विचार करेंगे। इन झड़पों में अबतक हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। यहां भी मरने वालों में अधिकतर मारिब शहर के बाशिंदे हैं।


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