রবিবার, ১৩ জুন, ২০২১

अंतरिक्ष पर कौन करेगा राज, दुनिया के तीन दिग्‍गज अरबपतियों में छिड़ी जंग

दुनिया के सबसे अमीर अरबपति और ऐमजॉन कंपनी के मालिक जेफ बेजोस के अंतरिक्ष में जाने के ऐलान से तहलका मचा हुआ है। इसी के साथ एक ऐसी दौड़ शुरू हो गई है, जिसमें दुनियाभर की स्पेस कंपनियां शामिल हैं। इस समय अंतरिक्ष के क्षेत्र में सक्रिय जिन तीन स्पेस कंपनियों को सबसे कड़ा प्रतिद्वंदी माना जा रहा है उनके अरबपति मालिक भी धरती पर अपने-अपने बिजनेस के झंडे बुलंद कर चुके हैं। इन बिजनेस टॉयकून्स के बीच अब अंतरिक्ष पर कब्जा करने की होड़ मची हुई है। इसमें पहले नंबर पर स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क हैं। वहीं दूसरे नंबर पर ब्लू ओरिजिन के मालिक जेफ बेंजोस और तीसरे नंबर पर वर्जिन गेलेक्टिक के मालिक रिचर्ड ब्रेनसन हैं। रिचर्ड ब्रैनसन की कंपनी ने भी ऐलान किया है कि वह भी जुलाई में ही अपने पहले मानव मिशन को लॉन्च करने की योजना पर काम कर रही है। हालांकि, कंपनी को अभी तक लॉन्चिंग की कोई निश्चित डेट नहीं मिली है।

Jeff Bezos Vs Elon Musk Vs Richard Branson: दुनिया के सबसे अमीर अरबपति और ऐमजॉन कंपनी के मालिक जेफ बेजोस के अंतरिक्ष में जाने के ऐलान से तहलका मचा हुआ है। जिसके बाद से एलन मस्क और रिचर्ड ब्रैनसन ने भी अपनी-अपनी स्पेस कंपनियों के आगामी प्रॉजेक्ट की तैयारियां तेज कर दी हैं।


Space Race: अंतरिक्ष पर कौन करेगा राज, दुनिया के तीन दिग्‍गज अरबपतियों में छिड़ी जंग

दुनिया के सबसे अमीर अरबपति और ऐमजॉन कंपनी के मालिक जेफ बेजोस के अंतरिक्ष में जाने के ऐलान से तहलका मचा हुआ है। इसी के साथ एक ऐसी दौड़ शुरू हो गई है, जिसमें दुनियाभर की स्पेस कंपनियां शामिल हैं। इस समय अंतरिक्ष के क्षेत्र में सक्रिय जिन तीन स्पेस कंपनियों को सबसे कड़ा प्रतिद्वंदी माना जा रहा है उनके अरबपति मालिक भी धरती पर अपने-अपने बिजनेस के झंडे बुलंद कर चुके हैं। इन बिजनेस टॉयकून्स के बीच अब अंतरिक्ष पर कब्जा करने की होड़ मची हुई है। इसमें पहले नंबर पर स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क हैं। वहीं दूसरे नंबर पर ब्लू ओरिजिन के मालिक जेफ बेंजोस और तीसरे नंबर पर वर्जिन गेलेक्टिक के मालिक रिचर्ड ब्रेनसन हैं। रिचर्ड ब्रैनसन की कंपनी ने भी ऐलान किया है कि वह भी जुलाई में ही अपने पहले मानव मिशन को लॉन्च करने की योजना पर काम कर रही है। हालांकि, कंपनी को अभी तक लॉन्चिंग की कोई निश्चित डेट नहीं मिली है।



अंतरिक्ष पर कब्जा क्यों करना चाहते हैं ये अरबपति
अंतरिक्ष पर कब्जा क्यों करना चाहते हैं ये अरबपति

आने वाले समय में स्पेस टूरिज्म एक नया सेक्टर डेवलप हो रहा है। इसमें विकास की असीम संभावनाएं भी छिपी हुई हैं। स्पेस में जाने की चाह रखने वालों को लाखों-करोड़ों रुपये खर्च करने पड़ेंगे। जाहिर है कि केवल अमीर वर्ग की इस खर्चे को वहन करने में सक्षम है। ऐसी स्थिति में ये सभी प्राइवेट स्पेस कंपनियां जल्द से जल्द खुद को साबित करने के प्रयास में लगी हुई हैं। जिस कंपनी का प्रदर्शन सबसे अच्छा होगा और दुर्घटना के चांस कम होंगे, जाहिर सी बात है लोग उसी को प्राथमिकता देंगे। इसके अलावा इन अरबपतियों के पास दूसरे सफल व्यवसाय भी हैं। ये एक बिजनेस के असफल होने का घाटा भी झेल सकते हैं। अंतरिक्ष के क्षेत्र में हमेशा नई तकनीकी के लिए रिसर्च की जरुरत होती है। जिसके लिए फंडिंग करने में इन टायकून्स को कोई परेशानी नहीं होगी।



जेफ बेजोस के साथ अंतरिक्ष में जाने की कीमत दो अरब रुपये
जेफ बेजोस के साथ अंतरिक्ष में जाने की कीमत दो अरब रुपये

शनिवार को जेफ बेजोस के साथ अंतरिक्ष की सैर करने वाले शख्‍स को चुनने के लिए बोली लगी। करीब 10 मिनट तक चली नीलामी के दौरान दुनिया के 159 देशों से 7600 लोगों ने हिस्‍सा लिया। बेजोस के साथ उनके न्‍यू शेफर्ड रॉकेट में जाने वाले विजेता का फैसला आखिरी तीन मिनट में लगी बोली के दौरान हुआ। विजेता शख्‍स ने बेजोस के साथ टिकट बुक करने के लिए करीब दो अरब रुपये या 28 मिल‍ियन डॉलर दिया है। ब्‍लू ओरिज‍िन ने अभी तक विजेता के नाम का ऐलान नहीं किया है। माना जा रहा है कि जाने वाला शख्‍स भी कोई अरबपति है। न्यू शेफर्ड रॉकेट की यह 16वीं उड़ान होगी लेकिन इंसान के साथ यह उसकी पहली उड़ान है। बेजोस की यह अंतर‍िक्ष की सैर मात्र 11 मिनट तक चलेगी। इस 11 मिनट की सैर के लिए गुमनाम शख्‍स ने 2 अरब रुपये लुटा दिया।



रिचर्ड ब्रैनसन ने जेफ बेजोस पर साधा निशाना
रिचर्ड ब्रैनसन ने जेफ बेजोस पर साधा निशाना

रिचर्ड ब्रानसन ने जेफ बेजोस के अंतरिक्ष में जाने के ऐलान पर निशाना साधते हुए एक ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि जेफ बेजोस और उनके भाई मार्क को स्पेसफ्लाइट योजनाओं की घोषणा करने के लिए बहुत-बहुत बधाई। जेफ ने साल 2000 में ब्लू ओरिजिन की शुरुआत की थी। हमने (वर्जिन गेलेक्टिक) 2004 में इसे शुरू किया था। ...और अब दोनों अंतरिक्ष में जाने के लिए तैयार हैं। इस अंतरिक्ष को देखना कितना असाधारण है। माना जा रहा है कि ब्रैनसन ने इस ट्वीट से वर्जिन गेलेक्टिक को बाद में स्थापित होने के बावजूद साथ में पहली उड़ान के लिए तैयार होने पर कटाक्ष किया है। ब्रैनसन के इस ट्वीट में अंतरिक्ष के सबसे बड़े खिलाड़ी एलन मस्क का कहीं जिक्र नहीं है। उन्होंने अपनी कंपनी स्पेसएक्स की शुरुआत काफी अस्थिर तरीके से साल 2002 में की थी। लेकिन, कम ही समय में वे अंतरिक्ष के सबसे बड़े खिलाड़ी बन गए हैं।



जेफ बेजोस की ब्लू ओरिजिन पहली कॉमर्शियल लॉन्चिंग को तैयार
जेफ बेजोस की ब्लू ओरिजिन पहली कॉमर्शियल लॉन्चिंग को तैयार

जेफ बेजोस ने साल 2000 में अपनी अंतरिक्ष कंपनी ब्लू ओरिजिन की स्थापना की थी। बेजोस की योजना एलन मस्‍क की तरह से ही सोलर स‍िस्‍टम में इंसानों को बसाना है। जेफ बेजोस ने वर्ष 2018 में खुलासा किया था कि अंतरिक्ष में यात्रा करने के लिए हर व्‍यक्ति को दो से तीन लाख डॉलर देना होगा। इस काम को पूरा करने के लिए बेजोस वर्ष 2016 से हर साल 1 अरब डॉलर अपने इस महत्‍वाकांक्षी प्रॉजेक्‍ट पर लगा रहे हैं। ब्‍लू ओरिज‍िन का न्‍यू शेफर्ड कैप्‍सूल पूरी तरह से स्‍वचालित है और उसे पायलट की जरूरत नहीं है। बेजोस के न्‍यू शेफर्ड रॉकेट को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि अगर कोई आपात स्थिति आती है तो कैप्‍सूल बीच रास्‍ते में ही रॉकेट से अलग हो जाएगा और यात्री उस रॉकेट से दूर हो जाएंगे।



रिचर्ड ब्रैनसन की वर्जिन गेलेक्टिक भी पीछे नहीं
रिचर्ड ब्रैनसन की वर्जिन गेलेक्टिक भी पीछे नहीं

ब्रिटेन के मशहूर उद्योगपति रिचर्ड ब्रैनसन का नेटवर्थ 410 करोड़ डॉलर है। उन्होंने 1970 के दशक में वर्जिन ग्रुप की स्थापना की थी। दुनिया भर में इस ग्रुप की 400 से ज्यादा कंपनियां हैं। उन्होंने अंतरिक्ष में बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए 2004 में वर्जिन गेलेक्टिक की स्थापना की थी। यह कंपनी पिछले कई साल से नासा और ब्रिटिश स्पेस एजेंसी के साथ मिलकर काम कर रही है।



एलन मस्क बने स्पेस साइंस की दुनिया के बड़े खिलाड़ी
एलन मस्क बने स्पेस साइंस की दुनिया के बड़े खिलाड़ी

टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने अपनी अंतरिक्ष कंपनी स्पेसएक्स की स्थापना 2002 में की थी। उस समय उनका लक्ष्य अंतरिक्ष में परिवहन लागत को कम करने और मंगल पर इंसानों को बसाने की थी। स्पेसएक्स का पूरा नाम स्पेस एक्सप्लोरेशन टेक्नोलॉजीज कार्पोरेशन है। स्पेसएक्स ने फाल्कन रॉकेट के जरिए अबतक अंतरिक्ष में कई सैटेलाइट्स को पहुंचाया है। स्पेसएक्स को सबसे बड़ी पहचान अपने क्रू ड्रैगन कैप्सूल से मिली। इसी में बैठकर कई अंतरिक्षयात्री इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन जा चुके हैं।





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