वॉशिंगटन अमेरिका ने चीन के दुश्मन देश फिलीपींस को 12 के बिक्री को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा दोनों देशों ने एक दूसरे सौदे में साइडविंडर और हार्पून मिसाइलों की डील भी फाइनल कर ली है। अमेरिका और फिलीपींस के बीच इन हथियारों की डील की कुल कीमत 2.5 बिलियन डॉलर से अधिक आंकी जा रही है। फिलीपींस इन दिनों चीन के आक्रामक रवैये का सामना कर रहा है। यही कारण है कि राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते ने कहा था कि दक्षिण चीन सागर में चीन के साथ युद्ध के अलावा और कोई रास्ता नहीं है। लंबे समय से मल्टीरोल लड़ाकू विमान तलाश रहा था फिलीपींस फिलीपींस लंबे समय से एक नए मल्टीरोल फाइटर एयक्राफ्ट की तलाश कर रहा था। इसके लिए उसने अमेरिका के एफ-16 (General Dynamics F-16 Fighting Falcon) और साब की ग्रिपिन (Saab JAS 39 Gripen) को शॉर्टलिस्ट करके रखा हुआ था। चूंकि हथियारों की खरीद भी अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के तहत ही की जाती है। इसलिए, स्वीडन की साब कंपनी के ऊपर अमेरिकी की लॉकहीड मार्टिन के लड़ाकू विमान को प्राथमिकता दी गई। 12 एफ-16 लड़ाकू विमान के बिक्री को मंजूरी पेंटागन ने कहा कि फिलीपींस ने लॉकहीड मार्टिन कंपनी के बनाए गए 10 F-16C ब्लॉक 70/72 विमान और दो F-16D ब्लॉक 70/72 विमान खरीदने का अनुरोध किया था। 2.43 बिलियन डॉलर के इस पैकेज में लड़ाकू विमान के पुर्जे और प्रशिक्षण शामिल हैं। इस डील में F-16 की बिक्री में उपकरणों की एक लंबी सूची भी शामिल है। इसमें स्पेयर इंजन, एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड एरे (AESA) रडार, टैक्टिकल कंप्यूटर, AMRAAM मिसाइल, मिसाइल लॉन्चर, स्नाइपर टार्गेटिंग पॉड्स, एक इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट, दो दर्जन से अधिक अन्य हथियार शामिल हैं। दो घातक मिसाइलें भी बेच रहा अमेरिका पेंटागन ने गुरुवार को कांग्रेस को फिलीपींस को दो मिसाइल पैकेजों की संभावित बिक्री के बारे में भी जानकारी दी। इसमें पहली 12 की संख्या में हार्पून एयर लॉन्च ब्लॉक II मिसाइल है। इस पैकेज में दो प्रशिक्षण मिसाइलें, पुर्जे और बोइंग के बनाए गए उपकरण भी शामिल हैं। इस पैकेज की कीमत 120 मिलियन डॉलर तक थी। दूसरी डील दूसरा 24 AIM-9X Sidewinder Block II टेक्टिकल मिसाइलों को लेकर की गई है। इस डील की कीमत 42.4 मिलियन डॉलर की है। व्हाइटसन रीफ को लेकर चीन के साथ है तनाव चीन और फिलीपींस में व्हाइटसन रीफ को लेकर दशकों से विवाद है। चीन संपूर्ण साउथ चाइना सी पर दावा करता है, जिसमें व्हाइटसन रीफ भी आता है। वहीं, फिलीपींस इस रीफ को अपने देश का अभिन्न हिस्सा बताता है। कुछ दिन पहले ही व्हाइटसन रीफ के नजदीक चीन के करीब 250 जहाज देखे गए हैं, जो चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी मिलिशिया से संबंधित हैं। चीन ने फिलीपींस के रीफ पर जमाया है कब्जा विवादित समुद्री सीमा पर नजर रखने वाली एक सरकारी संस्था ने कहा कि चीन की नौसेना के चार पोतों सहित चीनी ध्वज युक्त जहाजों का चीन के कब्जे वाले मानवनिर्मित द्वीप पर जमावड़ा लगना नौवहन एवं समुद्री जीवन की सुरक्षा के लिए घातक है और इससे प्रवाल भित्तियों को खतरा पहुंच सकता है। साथ ही यह फिलीपीन के संप्रभुता वाले अधिकारों के लिए भी खतरा है। जबकि चीन ने कहा है कि संबंधित समुद्री क्षेत्र उसका है और चीनी जहाज खराब समुद्री स्थिति से बचने के लिए वहां टिके हैं।
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