রবিবার, ১৩ জুন, ২০২১

G7 की हुंकार से घबराया चीन, धमकाते हुए बोला- छोटे समूह दुनिया पर राज नहीं करते

पेइचिंग इंग्लैंड के कार्बिस बे में जारी दुनिया के सात सबसे बड़े अर्थव्यवस्था वाले देशों के शिखर सम्मेलन जी-7 से चीन चिढ़ा हुआ है। इस बैठक को अपने खिलाफ गुटबंदी करार देते हुए चीन ने इसके सदस्य देशों को खुलेआम धमकी दी है। चीन ने कहे जाने वाले इन देशों के नेताओं को स्पष्ट रूप से चेताते हुए कहा कि वे दिन खत्म हो गए जब देशों के छोटे समूह दुनिया के भाग्य का फैसला किया करते थे। जी-7 को धमका रहा चीन लंदन में चीनी दूतावास के एक प्रवक्ता ने कहा कि वे दिन जब देशों के एक छोटा समूह वैश्विक फैसले तय किया करता था, वे लंबे समय से खत्म हो गए हैं। हम हमेशा मानते हैं कि बड़े या छोटे, मजबूत या कमजोर, गरीब या अमीर सभी देश बराबर हैं। वैश्विक मुद्दों पर सभी देशों के परामर्श के बाद ही फैसले लिए जाने चाहिए। जिनपिंग की मुखरता को रोकने की तैयारी जी7 के नेता दक्षिण-पश्चिमी इंग्लैंड में जारी बैठक के दौरान चीन की काट खोजने की कोशिश कर रहे हैं। दुनिया के सबसे अमीर लोकतांत्रिक देशों का मानना है कि पिछले 40 साल में चीन की शानदार आर्थिक और सैन्य वृद्धि के बाद राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुखरता बढ़ती जा रही है। इसी पर रोक लगाने के लिए ये सभी देश एक वैश्विक समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं। चीन के खिलाफ साझा रणनीति बना रहे जी-7 के देश जी-7 के नेताओं ने चीन के वैश्विक अभियान के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए एक बुनियादी ढांचा योजना का अनावरण किया है। बताया जा रहा है कि फिलहाल इस मुद्दे पर अबतक सहमति नहीं बन पायी है कि मानवाधिकारों के उल्लंघन पर चीन को किस तरह रोका जाए। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने जी-7 शिखर सम्मेलन में लोकतांत्रिक देशों पर बंधुआ मजदूरी प्रथाओं को लेकर चीन के बहिष्कार का दबाव बनाने की योजना तैयार की है। जिनपिंग के ड्रीम प्रॉजेक्ट के खिलाफ जी-7 की हुंकार जी-7 के सदस्य देशों ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की महत्वकांक्षी योजना वन बेल्ट वन रोड (OBOR) के खिलाफ नया बुनियादी ढांचा योजना शुरू करने का फैसला किया है। माना जा रहा है कि इससे चीन को हजारों करोड़ डॉलर का नुकसान हो सकता है। चीन अपने इसी प्रॉजक्ट के जरिए दुनियाभर के देशों को कर्ज के जाल में फंसा रहा है। श्रीलंका, पाकिस्तान समेत अफ्रीका के कई देश पहले ही चीन के आर्थिक गुलाम बन चुके हैं।


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