শনিবার, ১২ জুন, ২০২১

तालिबान और ISIS के निशाने पर क्यों है हजारा समुदाय? जिनका मुसलमान ही कर रहे कत्ल

काबुल अफगानिस्तान के अल्पसंख्यक पर हाल में ही हुए आतंकी हमले की गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने आठ जून को अफगानिस्तान के बगलान-ए-मरकाजी में हजारा समुदाय पर हुए हमले की निंदा की है। भारत ने भी कहा है कि वह अफगानिस्तान में धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों को जानबूझकर निशाना बनाए जाने पर काफी चिंतित है। आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट इन खोरेसान प्रोविंस (आईएसकेपी) के इस हमले में हजारा समुदाय के 10 कामगारों की मौत हो गई थी, जबकि 14 अन्य घायल हुए थे। इस्लाम के नाम पर हजारा लोगों की होती है हत्या अफगानिस्तान और पाकिस्तान में सुन्नी मुसलमान बहुसंख्यक हैं, जो अहमदिया और हजारा जैसे अपने ही धर्म के अल्पसंख्यकों का विरोध करते हैं। पाकिस्तान के अलावा अफगानिस्तान में भी तालिबान के शासन में हजारा समुदाय के ऊपर बहुत से जुर्म हुए हैं। तालिबान के आतंकी हजारा समुदाय के लोगों को न केवल गोली मार देते हैं, बल्कि इनके समुदाय की महिलाओं के साथ भी बुरा सलूक करते हैं। कौन हैं हजारा हजारा समुदाय पाकिस्तान और अफगानिस्तान में बसने वाली शिया मुस्लिमों की एक कौम है। जो दरी फारसी की हजारगी उपभाषा बोलते हैं। हजारा फारसी, मंगोलियाई और तुर्क वंश का एक अफगान जातीय अल्पसंख्यक समूह है। इन्हें मंगोल शासक चंगेज खान का वंशज भी माना जाता है। कहा जाता है कि मंगोल सेना में हजार सैनिकों का दस्ता तैयार किया जाता था। संभव है कि हजारा समुदाय की उत्पत्ति वहीं से हुई हो। तालिबान ने भी किया हजारा समुदाय का कत्लेआम हजारा समुदाय के लोग शिया मुसलमान होते हैं। माना जाता है कि हजारा 16 वीं शताब्दी की शुरुआत में फारस में सफवी राजवंश के समय में शिया धर्म में परिवर्तित हो गए थे। चूंकि, अफगानिस्तान में अधिकांश सुन्नी मुसलमान हैं, इसलिए हजारा समुदाय के ऊपर सदियों से जुर्म और भेदभाव भेदभाव किया जाता रहा है। तालिबान शासन के दौरान हजारा समुदाय के लाखों लोगों का नरसंहार कर दिया गया। अब पाकिस्तान में बचे हैं 15 लाख हजारा आज अफगानिस्तान में लगभग 30 लाख हजारा मुसलमान रहते हैं। जो पश्तून और ताजिकों के बाद तीसरी सबसे बड़ी उपजाति हैं। पाकिस्तान में इनकी आबादी 15 लाख के करीब बताई जाती है, जिनमें से अधिकांश क्वेटा के आसपास रहते हैं। पाकिस्तान का क्वेटा अफगानिस्तान और ईरान से सटा हुआ है। इसलिए हजारा समुदाय के लोग इन इलाकों में ज्यादा रहते हैं।


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