মঙ্গলবার, ২২ জুন, ২০২১

लूप इलेक्ट्रोसर्जिकल एक्सिशन प्रोसीजर (एलईईपी) - Loop electrosurgical excision procedure (LEEP) in Hindi

लूप इलेक्ट्रोसर्जिकल एक्सिशन प्रोसीजर एक सर्जरी प्रक्रिया है, जिसमें सर्विक्स और योनि में मौजूद असामान्य कोशिकाओं की पहचान करके इलाज किया जाता है। सर्विक्स में असामान्य कोशिकाओं को सर्वाइकल डिसप्लेसिया कहा जाता है।

यदि सर्वाइकल डिसप्लेसिया का समय पर इलाज न हो पाए, तो यह भविष्य में कैंसर का कारण बन सकता है। लूप इलेक्ट्रोसर्जिकल एक्सिशन प्रोसीजर की मदद से इन कोशिकाओं को निकाला जाता है। इसके बाद इन कोशिकाओं को लेबोरेटरी में कैंसर की जांच के लिए भेज दिया जाता है। सर्जरी से पहले आपको पैप टेस्ट या कोलोनोस्कोपी बायोप्सी करवाने को कहा जाता है। यदि इन टेस्टों की मदद से असामान्य कोशिकाएं मिल जाती हैं, तो आपके सर्जन लूप इलेक्ट्रोसर्जिकल एक्सिशन प्रोसीजर करने पर विचार कर सकते हैं। सर्जरी से कम से कम 30 मिनट पहले आपको कुछ विशेष दर्दनिवारक दवाएं दी जाती हैं। यह सर्जरी लोकल एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लगाकर की जाती है, जिससे उस हिस्से को सुन्न कर दिया जाता है जिसकी सर्जरी करनी है।

सर्जरी के दौरान सर्विक्स में लूप नामक एक विशेष उपकरण डाला जाता है, इस उपकरण की मदद से अंदर इलेक्ट्रिकल करंट छोड़ा जाता है। इलेक्ट्रिकल करंट की मदद से ऊतकों की उस परत को हटा दिया जाता है, जिसमें असामान्य कोशिकाएं मौजूद होती हैं। सर्जरी के बाद आपको कुछ समय सर्जरी वालाे हिस्से में दर्द व ऐंठन महसूस हो सकती है और थोड़ी बहुत ब्लीडिंग भी हो सकती है। आपको पीरियड के दौरान रक्तस्राव में भी कुछ बदलाव मिल सकते हैं। सर्जरी के बाद कम से कम चार हफ्तों तक आपको यौन गतिविधियां करने और टैम्पोन आदि का इस्तेमाल करने से मना किया जाता है। सर्जरी के एक महीने बाद फिर से पैप टेस्ट किया जाता है।

(और पढ़ें - मांसपेशियों में ऐंठन के लक्षण)



from myUpchar.com के स्वास्थ्य संबंधी लेख
via IFTTT

Advertiser