শুক্রবার, ২৫ জুন, ২০২১

Pakistan in Grey List: आतंकवाद पर पाकिस्तान को करारा झटका, FATF की ग्रे लिस्ट में ही रहेगा

इस्लामाबाद अपनी जमीन पर आतंकी संगठनों को पनपने दे रहे पाकिस्तान को शुक्रवार को बड़ा झटका लगा है। फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स (FATF) की बैठक में फैसला किया गया है कि पाकिस्तान अभी ग्रे लिस्ट में रहेगा। इसके साथ ही खस्ता आर्थिक हालात का सामना कर रहे पाकिस्तान के लिए मुश्किलें फिलहाल कम होती नहीं दिख रही हैं। FATF अधअयक्ष मार्कस प्लियर का कहना है कि पाकिस्तान पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा है, 'पाकिस्तान अभी भी FATF के कई मानकों को पूरी और असरदार तरह से लागू करने में असफल है जिससे मनी लॉन्डरिंग का खतरा बढ़ जाता है। इससे भ्रष्टटाचार और संगठिग अपराध बढ़ता है।' मार्कस का कहना है कि अभी एक बड़ा काम संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकी करार दिए गए संगठनों और उनके आकाओं के खिलाफ जांच और सजा देने का है, जिसे पाकिस्तान को पूरा करना है। पूरा नहीं हुआ है काम FATF की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने 27 कार्यबिंदुओं में से अबतक केवल 26 को ही पूरा किया है। पाकिस्तान को एफएटीएफ के बाकी बचे एक बिंदु को लागू करने के लिए कम से कम दो से तीन महीने और लगेंगे। वहीं, पाकिस्तान में इस फैसले को पश्चिमी देशों का भेदभाव बताया जा रहा है और सवाल किया जा रहा है कि जब पाकिस्तान ने जून 2018 के बाद से अब तक इतने बिंदुओं पर काम पूरा कर लिया है, तो अभी भी उसे ग्रे लिस्ट में क्यों रखा गया। पाकिस्तान को आर्थिक नुकसान पाकिस्तान को इसके कारण करीब 38 अरब डॉलर (27,52,76,18,00,000 रुपये) का नुकसान उठाना पड़ा है। इस्लामाबाद स्थित तबादलाब नाम के स्वतंत्र थिंक-टैंक तबादलाब ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि 2008 से 2019 तक पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में रखने के कारण 38 अरब डॉलर के जीडीपी का नुकसान हुआ है। अब उसे इंटरनैशनल मॉनिटरी फंड (IMF) जैसी संस्थाओं से मदद मिलना मुश्किल बना रहेगा। FATF ग्लोबल मनी लॉन्डरिंग और आतंकी फंडिंग वॉचडॉग है। कई सरकारों के बीच काम करने वाले संगठन ने अंतरराष्ट्रीय मानक तय कर रखे हैं ताकि अवैध गतिविधियां रोकी जा सकें और समाज को जो नुकसान हो रहा है उससे बचा जा सके। वैश्विक वित्तीय व्यवस्था को साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए 1989 में FATF का गठन किया गया था। इसके 39 सदस्य हैं। इसमें 37 देश और दो क्षेत्रीय संगठन शामिल हैं। नीतियां बनाने वाला संगठन सरकारों को राष्ट्रीय कानून और रेग्युलेटरी रिफॉर्म्स लाने के लिए प्रेरित करता है। क्या करता है FATF? FATF ने मानक बनाए हैं जिनसे यह सुनिश्चित किया जाता है कि संगठित अपराध, भ्रष्टाचार और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर सहयोग के साथ प्रतिक्रिया दी जाए। इसकी मदद से अथॉरिटीज अवैध नशीले पदार्थों, देह तस्करी जैसे कारोबार से जुड़े अपराधियों के पैसे को ट्रैक करती हैं। FATF बड़े स्तर पर बर्बादी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले हथियारों की फंडिंग रोकने के लिए भी काम करता है। FATF मनी लॉन्डरिंग और आतंकी फाइनैंसिंग तकनीकों को रिव्यू करता है और लगातार नए मानक बनाता है जिससे नए खतरों से निपटा जा सके। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित करता है कि इन मानकों का पालन किया जाए और ऐसे देशों की जिम्मेदारी भी तय करता है जो मानकों का पालन नहीं करते हैं।


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