শুক্রবার, ১১ জুন, ২০২১

Watch: प्रशांत महासागर में रूसी नौसेना का शक्ति प्रदर्शन, सैकड़ों युद्धपोतों के साथ बरसा रहा बम

मॉस्को रूस की नौसेना ने प्रशांत महासागर में अमेरिका की बढ़ती ताकत को कम करने के लिए बड़े पैमाने पर नौसैनिक युद्धाभ्यास शुरू किया है। इस युद्धाभ्यास में डिस्ट्रॉयर, कॉर्वेट्स, एम्फिबियस शिप्स, पनडुब्बियों समेत सैकड़ों जंगी जहाज शामिल हैं। रूसी रक्षा मंत्रालय ने ऐलान किया है कि गुरुवार से शुरू हुआ यह युद्धाभ्यास मध्य प्रशांत क्षेत्र में हो रहा है। इस अभ्यास की कमान रूसी प्रशांत बेड़े के अनुभवी कमांडर एडमिरल सर्गेई अवाक्यंट्स संभाल रहे हैं। घर से 4000 किमी दूर कर रहा युद्धाभ्यास इस युद्धाभ्यास के दौरान अपने पारंपरिक क्षेत्र से काफी दूर विषम परिस्थितियों में सैन्य संचालन, समुद्री संचार की रक्षा, युद्धपोतों और हवाई जहाज से कम्युनिकेशन स्थापित कर दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने जैसे मिशन को अंजाम दिया जाएगा। इस अभ्यास के लिए रूसी नौसेना के जंगी जहाजों को अपने घरेलू परिचालन क्षेत्रों से लगभग 4000 किलोमीटर की दूरी पर देखा गया है। रूसी नौसेना के ये जंगी जहाज हैं शामिल रूसी नौसेना के प्रशांत बेड़े में वर्याग मिसाइल क्रूजर, सबसे बड़ी एंटी सबमरीन शिप एडमिरल पेंटेलेव और फ्रिगेट मार्शल शापोशनिकोव शामिल हैं। इसके अलावा स्टेरेगुस्ची क्लास का कॉर्वेट हीरो ऑफ रशियन फेडरेशन एल्डार त्सिडेंजापोव, ग्रोमकी और सॉवरशनी युद्धपोत भी हिस्सा ले रहे हैं। इस अभ्यास में मार्शल क्रायलोव मिसाइल ट्रैकिंग जहाज भी शामिल है। लड़ाकू विमान हवा में लगा रहे गश्त आसमान से दुश्मनों की हरकत पर नजर रखने के लिए Tu-142MZ पनडुब्बी रोधी युद्धक बमवर्षक और मिग-31BM इंटरसेप्टर सहित लगभग 20 विमान भी शामिल हैं। पानी के अंदर रूस की कई पनडुब्बियां गश्त कर रही हैं। इस दौरान रसद और गोला-बारूद की पहुंच बनाए रखने के लिए कई दूसरे जहाजों को लगाया गया है। गुरुवार को रूस ने खदेड़ा था अमेरिकी टोही विमान गुरुवार को ही रूसी वायुसेना के Su-35 लड़ाकू विमान ने प्रशांत महासागर के ऊपर अमेरिकी वायु सेना के एक RC-135 रणनीतिक टोही विमान को पकड़ा था। अमेरिका का यह जहाज रूसी सीमा के पास घुसपैठ का प्रयास कर रहा था। रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि अमेरिका अपने जासूसी विमानों, टोही ड्रोन और बमवर्षकों को उड़ाकर अक्सर पूर्व की तरफ लेकर जाता है। तो इसलिए सैन्य अभ्यास कर रहा रूस? यह अभ्यास अमेरिका की उन धमकियों के बाद किया जा रहा है, जिसमें उसने कहा था कि 2019 में मध्यम दूरी के न्यूक्लियर फोर्स संधि से बाहर होने के बाद वह इस क्षेत्र में मिसाइलों की तैनाती करेगा। अमेरिका की इस चेतावनी के बाद रूस और चीन दोनों सतर्क हो गए हैं। एक महीने पहले ही रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने चीन की यात्रा कर अमेरिका के खिलाफ गठबंधन बनाने पर जोर दिया था।


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