काबुल अफगानिस्तान में तालिबानी आतंकियों से मोर्चा ले रहे पूर्व उप राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह कहां हैं, यह अभी सभी के लिए रहस्य बना हुआ है। पंजशीर घाटी में तालिबान ने अमरुल्ला सालेह के घर पर कब्जा कर लिया है और उनके भाई की हत्या कर दी है। अब नैशनल रेजिस्टेंस फोर्स के विश्वस्त सूत्रों से पता चला है कि अमरुल्ला सालेह अपनी टीम के साथ कथित रूप से ताजिकिस्तान पहुंच गए हैं। सीएनएन न्यूज 18 के सूत्रों ने बताया कि तालिबान ने जब पंजशीर घाटी को घेर लिया तब अमरुल्ला सालेह को ताजिकिस्तान सरकार ने सुरक्षित रास्ता मुहैया कराया। उधर, सालेह के सूत्रों का कहना है कि सालेह के ताजिकिस्तान जाने की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन यह संभव है कि वह जानबूझकर अभी पीछे हटे हों ताकि तालिबान के खिलाफ पलटवार किया जा सके। 'सालेह सुरक्षित हैं और शरण ले रखी है' तालिबान की क्रूरता के खिलाफ चट्टान की तरह से खड़े सालेह के घर पर तालिबान का कब्जा होने के बाद वह कहां पर गए, इसका पता नहीं चल पाया था। उस समय ऐसी खबर आई थी कि सालेह सुरक्षित हैं और शरण ले रखी है। हालांकि उनके स्थान का पता नहीं चल पाया था। कुछ समय पहले उनके घर से सोना और डॉलर मिलने का दावा किया गया था लेकिन बाद में तालिबान ने उसका खंडन कर दिया था। तालिबान ने पंजशीर की लड़ाई में अमरुल्लाह सालेह के भाई रोहुल्लाह अजीजी को मार डाला था। इतना ही नहीं, तालिबान लड़ाके रोहुल्ला के शव को दफनाने तक नहीं दे रहे थे। रोहुल्ला पिछले कई दिनों से पंजशीर में तालिबान से मुकाबला कर रहे थे। वे नेशनल रेजिस्टेंस फोर्स के एक यूनिट के कमांडर भी थे। तालिबान ने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने पंजशीर पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया है। हालांकि विद्रोहियों का कहना है कि अभी घाटी के अंदर लगातार जंग जारी है।
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