বুধবার, ২২ সেপ্টেম্বর, ২০২১

नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के जहरीले बोल, भारत पर लगाया धमकाने का आरोप

काठमांडू चीनी राजदूत के इशारे पर नाच रहे नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने भारत पर गंभीर आरोप लगाए हैं। केपी शर्मा ओली ने कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल-यूएमएल की स्थायी समिति को कुछ 'राजनीतिक दस्तावेज भेजे थे। इन्हीं दस्तावेजों में ओली ने खुलासा किया है कि साल 2015 में भारत के तत्कालीन विदेश सचिव और वर्तमान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने नेपाल के नए संविधान में भारत की मांग के मुताबिक संशोधनों को लेकर दबाव बनाया था। अंग्रेजी अखबार द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक केपी ओली ने कहा है कि तत्‍कालीन विदेश सचिव जयशंकर ने नेपाल के शीर्ष नेताओं को धमकी दी थी कि वे मौजूदा प्रारूप में संविधान को लागू ना करें। नेपाल ने 20 सितंबर 2015 को अपना नया संविधान लागू किया था। हालांकि, नेपाल के नए संविधान के खिलाफ भारत से सटे दक्षिण नेपाल के जिलों में काफी विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिला था। 'भारत के सुझावों के खिलाफ होगा तो स्‍वीकार नहीं किया जाएगा' ओली ने दावा किया, 'भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष दूत बनकर आए भारतीय राजनयिक ने राजनीतिक दलों के नेताओं को धमकी दी थी कि वे संविधान को घोषित करें और यदि यह भारत के सुझावों के खिलाफ होगा तो उसे स्‍वीकार नहीं किया जाएगा।' ओली ने जयशंकर के हवाले से कहा, 'इसके परिणाम नकारात्‍मक होंगे।' रिपोर्ट में कहा गया है कि उस दौरान जयशंकर ने नेपाल के राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की थी। पूर्व नेपाली पीएम ने कहा, 'भारत सरकार ने संविधान के निर्माण के दौरान अपनी चिंताओं को दूर नहीं किए जाने पर असंतुष्टि जताई। साथ ही सरकार पर दबाव डाला कि वह इसे स्‍वीकार नहीं करे।' दरअसल, नेपाल के नए संविधान के मसौदे का मधेसी विरोध कर रहे थे और वे इसके खिलाफ जोरदार प्रदर्शन कर रहे थे। उन्‍होंने रास्‍ता रोककर भारत से सामानों की आपूर्ति पर भी रोक लगा दी थी। इससे नेपाल की अर्थव्‍यवस्‍था बैठ गई थी।


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