वॉशिंगटन अमेरिका में एक भूत ने अपनी मर्डर मिस्ट्री सुलझाने में पुलिस की मदद की थी। यह घटना अमेरिका के वेस्ट वर्जीनिया राज्य में ग्रामीण क्षेत्र ग्रीनबियर काउंटी में आज से करीब 124 साल पहले घटी थी। इस काउंटी में इरास्मस एडवर्ड शु नाम का एक लोहार रहता था। उसकी तीन महीने पहले ही एल्वा नाम की एक महिला के साथ शादी हुई थी। जनवरी 1897 की एक रात एडवर्ड ने अपने पड़ोस के एक लड़के को काम करने वाली जगह से घर भेजा, ताकि वह देख सके कि उसकी नई नवेली पत्नी को बाजार से कुछ चाहिए तो नहीं। घर की सीढ़ियों पर पड़ी मिली थी लोहार की पत्नी जब यह लड़का ग्रीनबीयर काउंटी में उसके घर के दरवाजे पर पहुंचा तो उसने एल्वा को सीढ़ियों के नीचे पड़ा पाया। एक पल के लिए वह लड़का ठिठक गया। उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह क्या करे। उसने एल्वा को सीधा किया और चेक करने की कोशिश की कि आखिर हुआ क्या है। एल्वा का सिर एक तरफ झुका हुआ था। पहले तो उसे लगा कि एल्वा शायद सो रही हैं। वह चुपचाप उनकी ओर बढ़ा और मिसेज शू कहकर उन्हें जगाने की कोशिश की। कोई जवाब न मिलने पर वह घबराकर वहां से दूर चला गया और अपनी मां को इस बारे में बताया। पड़ोसी महिला ने डॉक्टर और सरकारी अधिकारी को बुलाया पड़ोस में ही रहने वाली उस लड़के की मां ने एल्वा को बेसुध पड़ा देख स्थानीय डॉक्टर और सरकारी अधिकारी जॉर्ज डब्ल्यू कन्नप को बुलाया। सूचना देने के लगभग एक घंटे तक कन्नप घटनास्थल पर नहीं पहुंचे, लेकिन तबतक एडवर्ड शू वहां पहुंच चुका था। वह अपनी पत्नी के शव को वहां से उठाकर बेडरूम में लेकर गया। उसे नहलाया, कपड़े पहनाए और बिस्तर पर लिटा दिया। उसने अपनी पत्नी के मृत शरीर को एक ऊंचे कॉलर वाले कपड़े पहनाकर दफनाने के लिए तैयार किया और उसके चेहरे पर पर्दा डाल दिया। पति ने मृत पत्नी के शरीर की पूरी जांच नहीं करने दी इस दौरान सरकारी अधिकारी और मौत के मामलों को देखने वाले स्थानीय डॉक्टर जॉर्ज डब्ल्यू कन्नप भी पहुंच गए। उन्होंने मृतक महिला के शरीर की जांच शुरू कर दी। उस दौरान पति एडवर्ड शू अपनी पत्नी के सिर को गोद में रखकर रोता रहा। जब कन्नप ने एल्वा के सिर और गर्दन की जांच करने का प्रयास किया तो एडवर्ड शू नाराज हो गया और गुस्सा दिखाने लगा। कन्नप शू को नाराज नहीं करना चाहते थे, इसलिए वे चुपचाप वहां से चले गए। उन्होंने एल्वा के बाकी शरीर की जांच के दौरान कुछ भी गलत नहीं पाया था। डॉक्टर ने मौत के कारण को बेहोशी और प्रेग्नेंसी से जोड़ा कन्नप कुछ हफ्ते पहले के एल्वा का इलाज भी कर रहे थे। इसलिए उन्होंने मृत्यु के कारण को अचानक आई बेहोशी करार दिया। उन्होंने बाद में इसे गर्भावस्था से जुड़ी परेशानियों से जोड़ दिया। एल्वा के शरीर को लिटिल सेवेल माउंटेन के उसके बचपन के घर ले जाया गया और दफनाया गया। ताबूत में भी एल्वा के सिर और गर्दन को शू ने किसी और को न तो छूने दिया और न ही देखने दिया। हालांकि, उसके इस अजीब व्यवहार को लेकर वहां मौजूद लोगों में कोई शक नहीं पैदा हुआ। एल्वा की मां को अपनी बेटी की मौत पर नहीं था यकीन एल्वा की मां मैरी जेन हीस्टर को छोड़कर हर कोई इस मौत को प्राकृतिक मान रहा था। वह शु को कभी पसंद नहीं करती थीं और उन्हें बिना सबूत के भी यह यकीन हो गया था कि शू ने ही उसकी बेटी की हत्या कर दी है। पर बड़ी बात यह थी कि सिर्फ एल्वा ही बता सकती थी कि उसके साथ क्या हुआ था। ऐसे में मैरी जेन हीस्टर ने एल्वा की आत्मा से बात करने का फैसला किया। उन्होंने आत्मा को बुलाने के लिए कई विशेष पूजा और प्रार्थनाएं शुरू कर दीं। कई हफ्तों तक सुबह-शाम प्रार्थना करने के बाद उसे एल्वा की आत्मा से उत्तर मिला। मां ने अपनी बेटी के आत्मा को बुलाया हीस्टर ने दावा किया कि उसकी बेटी उसे अपनी कहानी बताने के लिए लगातार चार रात सपने में दिखाई दी। उन्होंने कहा कि आत्मा पहले एक उज्ज्वल प्रकाश के रूप में प्रकट हुई, धीरे-धीरे एक मानव रूप लेकर अपनी कहानी बताने लगी। इस दौरान पूरा कमरा ठंड से भर जाता था। लगातार चार दिनों तक एल्वा की आत्मा ने अपनी मां को सपने के जरिए पूरी कहानी शुरू की। एल्वा के भूत ने बताई अपनी मौत की पूरी कहानी एल्वा के भूत ने उसकी मां के सामने कबूल किया कि शू ने उसके साथ क्रूरता की और दुर्व्यवहार किया। एक रात जब एल्वा ने रात को खाने में मीट नहीं बनाया तो उसने एल्वा पर हमला कर दिया और मारपीट की। शू ने मारपीट के दौरान एल्वा की गर्दन तोड़ दी थी। जिसके बाद एल्वा के भूत ने अपना सिर पूरी तरह से पीछे घुमाया और वहां से चली गई। इस घटना के बाद एल्वा की मां पब्लिक प्रॉसिक्यूटर जॉन प्रेस्टन के पास गई और मामले को फिर से खोलने की अपील की। प्रेस्टन ने भूत के बारे में उसकी कहानी पर विश्वास किया और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी। सरकारी वकील ने शव को कब्र से निकलवाकर जांच करवाई शू के पड़ोसियों और दोस्तों ने एल्वा के अंतिम संस्कार के दौरान उसके अजीब व्यवहार के बारे में सरकारी अभियोजक प्रेस्टन को बताया। डॉ कन्नप ने भी स्वीकार किया कि उन्होंने एल्वा के शव की पूरी तरह से जांच नहीं की थी। प्रेस्टन के लिए ये दोनों बयान शव के फिर से परीक्षण के आदेश को पाने के लिए पर्याप्त थे। उन्होंने कोर्ट के आदेश से शू की आपत्तियों के बावजूद शव को कब्र से बाहर निकलवाया और जांच के लिए मोर्चरी लेकर गए। गर्दन और सिर पर मिले निशानों से पति साबित हुआ दोषी एक स्थानीय समाचार पत्र द पोकाहोंटस टाइम्स ने बाद में रिपोर्ट किया कि गले पर उंगलियों के निशान पाए गए थे। जिससे पता चला कि एल्वा की मौत दम घुटने से हुई थी। उसके गर्दन पर गला घोंटने के निशान पाए गए थे। जिससे गर्दन की नस और कोशिकाओं को काफी नुकसान पहुंचा था। गर्दन की हड्डी भी टूटी हुई मिली। जिसके बाद इस मौत की विस्तृत जांच की गई और शू को उसके मौत का गुनाहगार माना गया।
from World News in Hindi, दुनिया न्यूज़, International News Headlines in Hindi, दुनिया समाचार, दुनिया खबरें, विश्व समाचार | Navbharat Times
via IFTTT
