মঙ্গলবার, ২৬ অক্টোবর, ২০২১

अब छोटी गैलेक्सी भी अपने से छोटों को बना रही शिकार, अवशेष मिले तो वैज्ञानिक हैरान

न्यूयॉर्क खगोल वैज्ञानिकों को अंतरिक्ष के लॉर्ज मैगेलैनिक क्लाउड (LMC) में बड़ी संख्या में आपस में बंधे तारों का एक झुंड मिला है। एलएमसी हमारी आकाशगंगा के नजदीक में स्थित एक छोटी आकाशगंगा है। जांच करने पर पता चला कि ये सभी तारे आपस में गुरुत्वाकर्षण के कारण बहुत ही कम दूरी में सिमटे हुए हैं। अब नीदरलैंड्स रिसर्च स्कूल फॉर एस्ट्रोनॉमी के वैज्ञानिकों ने बताया है कि यह झुंड दरअसल, एक छोटी आकाशगंगा का अवशेष है। इस झुंड को एनजीसी 2005 का नाम दिया गया है। पहले यह धारणा थी कि बड़ी आकाशगंगा ही छोटी आकाशगंगाओं को अपने अंदर समाहित करती है, लेकिन अब पहली बार पता चला है कि छोटी आकाशगंगा भी अपने से छोटी आकाशगंगाओं को निगल सकती है। एलएमसी के केंद्र से 750 प्रकाश वर्ष दूर है यह झुंड नेचर एस्ट्रोनॉमी में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, एनजीसी 2005 की रसायनिक संरचना लॉर्ज मैगेलैनिक क्लाउड में मिली 10 अन्य गोलाकार समूहों से काफी अलग है। तारों का यह झुंड लॉर्ज मैगेलैनिक क्लाउड के केंद्र से लगभग 750 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है। बताया जा रहा है कि इस झुंड में लगभग 200000 तारे शामिल हैं। इस झुंड में बाकी 10 अन्य समूहों की तुलना में सिलिकॉन, जस्ता, कैल्शियम और तांबा काफी कम मात्रा में मौजूद है। गैलेक्सी के निर्माण के दौरान नहीं बना था यह झुंड जिसके आधार पर वैज्ञानिकों का दावा है कि यह क्लस्टर, गैलेक्सी के निर्माण के दौरान नहीं बना था। बल्कि, इस क्लस्टर का निर्माण पड़ोसी गैलेक्सी के मर्जर से हुआ है। वैज्ञानिकों को मानना है कि आसपास की छोटी आकाशगंगाओं का विलय लॉर्ज मैगेलैनिक क्लाउड में हुआ था। इसी दौरान इस क्लस्टर में तारों का निर्माण भी हुआ। आकाशगंगा के विलय के दौरान छोटे तारे अलग होकर बिखर गए, जबकि बड़ा केंद्रीय गोलाकार क्लस्टर NGC 2005 बचा रहा। इस क्लस्टर ने बाद में लॉर्ज मैगेलैनिक क्लाउड (एलएमसी) को अपना घर बना लिया। छोटी आकाशगंगा भी अपने से छोटों को निगल रहीं इटली के ग्रोनिंगन विश्वविद्यालय के खगोलशास्त्री डेविड मेसारी ने कहा कि हमने अब पहली बार साबित किया है कि हमारी आकाशगंगा के आस-पास की छोटी आकाशगंगाएं भी दूसरी छोटी-छोटी आकाशगंगाओं से बनी हैं। वैज्ञानिक पहले से ही जानते हैं कि बड़ी आकाशगंगाएं छोटी आकाशगंगा को बख्शती नहीं हैं। बड़ी आकाशगंगा के पास अधिक शक्तिशाली गुरुत्वाकर्षण शक्ति होती है। ऐसे में ये कम ताकतवर छोटी आकाशगंगाओं को अपने अंदर समाहित कर लेते हैं। लेकिन, अब पता चला है कि छोटी आकाशगंगाएं भी अपने से छोटी आकाशगंगा को अवशोषित करने में सक्षम हैं। हमारी आकाशगंगा से 3.7 गुना छोटी है एलएमसी वैज्ञानिकों के मुताबिक, दिलचस्प चीज यह है कि जब विलय हुआ था तब एलएमसी का आकार आज की तुलना में काफी छोटा था। एलएमसी का व्यास 14000 प्रकाशवर्ष है, जो हमारी आकाशगंगा से करीब 3.7 गुना छोटा है। हमारी आकाशगंगा में 150 से ज्यादा ज्ञात गोलाकार समूह हैं, जो ओपन स्टार क्लस्टर से काफी पुराने हैं। इनमें से कई समूहों की उम्र 13.5 बिलियन वर्ष तक आंकी गई है।


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