मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया की धरती पर हजारों साल से मौजूद बोगोंग पतंगे अब अस्तित्व को बचाए रखने के लिए जंग लड़ रहे हैं। इन पतंगों का विशालकाय समूह कभी- कभी आसमान में इस कदर से छा जाता था कि चांद का भी दिखना बंद हो जाता था। इन बोगोंग पतंगों को वैश्विक स्तर पर संकटग्रस्त प्रजातियों की सूची में शामिल किया गया है। हाल के वर्षों में इनकी संख्या में काफी गिरावट आई है जिससे वे अब बहुत कम ही बचे हैं। इंटरनेशनल यूनियन फॉर द कन्जरवेशन ऑफ नेचर की ओर से बनाई गई यह सूची अब अपडेट की गई है और उसमें ऑस्ट्रेलिया के 124 विलुप्तप्राय वन्यजीवों को शामिल किया गया है। इन पतंगों ने तो एक बार ऑस्ट्रेलिया की राजधानी केनबरा में स्थित संसद भवन को ढंक लिया था। वैज्ञानिक मरिस्सा पैरोट ने कहा कि बोगोंग की संख्या का कम होना ऑस्ट्रेलिया के लिए चेतावनी है। वैज्ञानिकों ने बताया कि 1980 के दशक से ही बोगोंग पतंगे की संख्या में गिरावट आ रही है। गुफा से 2 हजार साल पुराने बोगोंग पतंगे के जीवाश्म मिले पैरोट ऑस्ट्रेलिया में इन पतंगों पर निगरानी रखती हैं और उनकी एक वेबसाइट भी है। इसे दो साल पहले शुरू किया गया था ताकि बोगोंग पतंगों के प्रवास का नक्शा तैयार किया जा सके। साथ ही उनकी जनसंख्या में आने वाले बदलाव का पता लगाया जा सके। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड, न्यू साउथ वेल्स, विक्टोरिया और दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया में बोगोंग के पतंगे बड़ी संख्या में पाए जाते थे। विक्टोरिया की एक गुफा से कुछ समय पहले 2 हजार साल पुराने बोगोंग पतंगे के जीवाश्म मिले हैं। मरिस्सा पैरोट ने कहा, 'संकटग्रस्त जीवों की सूची में शामिल होना खूबसूरत बोंगोंग पतंगे के लिए वास्तव में बड़ा कदम है। यह वास्तव में बहुत दुखद मौका है क्योंकि यह जीव ऑस्ट्रेलिया की पहचान का हिस्सा है। लोग अपने बचपन से ही इसे याद रखते थे क्योंकि इसका झुंड कभी चांद को भी ढंक देता था, अब यह विलुप्तप्राय जीवों की सूची में शामिल हो गया है।' जिन अन्य जीवों को इस सूची में शामिल किया गया है, उनमें कंगारू आइलैंड के जीव शामिल हैं जो साल 2019-20 में अग्निकांड के शिकार हो गए थे।
from World News in Hindi, दुनिया न्यूज़, International News Headlines in Hindi, दुनिया समाचार, दुनिया खबरें, विश्व समाचार | Navbharat Times
via IFTTT
