क्वालालंपुर इंसान की किस्मत कब बदल जाए, यह कोई नहीं जानता है। अगर किस्मत चमक जाए तो भिखारी भी करोड़पति हो सकता है। कुछ ऐसा ही हुआ मलेशिया की एक महिला के साथ। अइदा जूरिना लोंग नामक महिला को समुद्र के किनारे एक अजीब सी चीज दिखाई दी। महिला ने पहले तो इसे कचरा समझा लेकिन बाद में यह व्हेल की उल्टी निकली और वह एक झटके में करोड़पति हो गई। इसकी ज्यादा कीमत की वजह से इसे तैरता सोना भी कहा जाता है। अइदा मलेशिया की रहने वाली हैं और मछुआरा परिवार से ताल्लुक रखती हैं। वह मछली बेचकर पैसे कमाती हैं। हालांकि बुधवार का दिन उनके लिए खास रहा और वह जब मछली पकड़ने गईं तो उन्हें इलाके में एक कचरा मिला। अइदा ने सोचा कि यह कोई कचरा है जो समुद्र में से बहकर आ गया है। वह इसे समुद्र से निकालकर तट पर ले आईं। इस दौरान उन्हें कोई आइडिया नहीं था कि उन्हें व्हेल की उल्टी मिली है जो किसी खजाने से कम नहीं होती है। मलेशिया में व्हेल की उल्टी मिलना अपने आप में दुर्लभ घटना अइदा ने जब इसे अपने पिता को दिखाया तो उनके खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने कहा, 'पहले तो मैंने इसे कचरा समझा। जब मेरे पिता ने इसके व्हेल की उल्टी बताया तो मेरे आश्चर्य का कल्पना करिए।' मलेशियाई मीडिया के मुताबिक अइदा कचरा समझकर पहले इसे फेंकना चाहती थीं। हालांकि इसकी पहचान खुलने पर वह बहुत खुश हैं। यह बहुत कीमती होता है और उसकी कीमत करोड़ों रुपये होती है। अइदा ने बताया कि इस खजाने को उन्होंने कचड़ा समझकर तट पर ही छोड़ दिया था लेकिन बाद में दूसरे दिन वह उसे वापस लेकर घर आईं। मलेशिया में व्हेल की उल्टी मिलना अपने आप में दुर्लभ घटना माना जाता है। बताया जा रहा है कि मलेशिया का मत्स्यपालन विभाग जल्द ही इसकी जांच करेगा और उसकी कीमत का खुलासा करेगा। यह इतना बड़ा है कि विशेषज्ञों के मुताबिक इसकी कीमत करोड़ों रुपये हो सकती है। जानें क्यों वैज्ञानिक व्हेल की उल्टी को कहते हैं तैरता सोना Ambergris या व्हेल की उल्टी ठोस, मोम जैसा ज्वलनशील तत्व होता है। यह हल्के ग्रे या काले रंग का होता है। स्पर्म वेल की आंतों में यह पाया जाता है। पानी के अंदर वेल मछलियां ऐसे कई जीव खाती हैं जिनकी नुकीली चोंच और शेल्स होती हैं। इन्हें खाने पर वेल के अंदर के हिस्से को चोट न पहुंचे इसके लिए Ambergris अहम होता है। इसे निकालने के लिए कई बार तस्कर वेल की जान ले लेते हैं जो पहले से विलुप्तप्राय जीवों में शामिल है। इसका इस्तेमाल परफ्यूम इंडस्ट्री में किया जाता है। इसमें मौजूद ऐल्कोहॉल का इस्तेमाल महंगे ब्रैंड परफ्यूम बनाने में करते हैं। इसकी मदद से परफ्यूम की गंध लंबे वक्त तक बरकरार रखी जा सकती है। इस वजह से इसकी कीमत बेहद ज्यादा होती है। यहां तक कि वैज्ञानिकों ने इसे तैरता हुआ सोना भी कहा है।
from World News in Hindi, दुनिया न्यूज़, International News Headlines in Hindi, दुनिया समाचार, दुनिया खबरें, विश्व समाचार | Navbharat Times
via IFTTT
