अमेरिकी स्पेस फोर्सने एक स्पेशल मिलिट्री सैटलाइट कक्षा में लॉन्च की है। इसे एक साल में डिजाइन करके बनाया गया है। सैटलाइट Odyssey को स्पेस फोर्स की सीक्रेट, स्पेशल प्रॉजेक्ट यूनिट ने लॉन्च किया है। इसे Northrop Grumman Pegasus रॉकेट के साथ Stargazer L-1011 कैरियर जेट के नीचे लगाया गया और कैलिफोर्निया के वॉन्डेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से लॉन्च किया गया। इतने कम समय में लॉन्च किया गया है स्पेस फोर्स का पहला मिशन है।एक साल के अंदर सैटलाइट कंपोनेंट्स को तैयार किया गया और सैटलाइट में लॉन्च कर दिया गया। दिलचस्प बात यह रही कि स्पेस फोर्स ने इस लॉन्च का कोई वीडियो शेयर नहीं किया।

अमेरिकी स्पेस फोर्सने एक स्पेशल मिलिट्री सैटलाइट कक्षा में लॉन्च की है। इसे एक साल में डिजाइन करके बनाया गया है। सैटलाइट Odyssey को स्पेस फोर्स की सीक्रेट, स्पेशल प्रॉजेक्ट यूनिट ने लॉन्च किया है। इसे Northrop Grumman Pegasus रॉकेट के साथ Stargazer L-1011 कैरियर जेट के नीचे लगाया गया और कैलिफोर्निया के वॉन्डेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से लॉन्च किया गया। इतने कम समय में लॉन्च किया गया है स्पेस फोर्स का पहला मिशन है।
पहला मिशन

स्पेस फोर्स ने Odyssey का इस्तेमाल किया जो एक सर्विलांस सैटलाइट है जिसका इस्तेमाल स्पेस में घूम रहे बाहर के ऑब्जेक्ट्स को डिटेक्ट करता है। TacRL-2 मिशन स्पेस फोर्स की नई स्पेशल प्रॉजेक्ट यूनिट का पहला मिशन था। स्पेस सफारी हाई-प्रायॉरिटी और तेजी से पूरी की जाने वाली जरूरतों के लिए काम करता है। यह दो हफ्ते में डिलिवरी देने के लिए लक्ष्य से बनाया गया है। इसका नाम रैपिड रिस्पॉन्स यूनिट बिग सफारी के नाम पर रखा गया है।
एक साल के अंदर लॉन्च

स्पेस फोर्स के चीफ ऑफ स्पेस ऑपरेशन्स जनरल जॉन रेमंड के मुताबिक एक साल पहले उन्होंने अपने संगठन को चैलंज दिया था कि ऐसी क्षमता तैयार किया जा सके जो तय समय में तैयार करके लॉन्च की जा सके। एक साल के अंदर सैटलाइट कंपोनेंट्स को तैयार किया गया और सैटलाइट में लॉन्च कर दिया गया। दिलचस्प बात यह रही कि स्पेस फोर्स ने इस लॉन्च का कोई वीडियो शेयर नहीं किया।
काफी समय से चल रहा है काम

अमेरिकी स्पेस फोर्स ने 2019 में रणनीतिक रिस्पॉन्स क्षमता विकसित करने पर काम शुरू किया था। वहीं Pegasus एयर-लॉन्च रॉकेट है। यह दुनिया का पहला प्राइवेटली विकसित कमर्शल स्पेस लॉन्च वीइकल है। यह अब तक 45 बार लॉन्च किया जा सका है और धरती की विचली कक्षा में 90 सैटलाइट भेज चुका है। अमेरिकी चीन और रूस को अंतरिक्ष में अपना प्रतिद्वंदी मानता है और उनसे मिलने वाली चुनौतियों से निपटने की कोशिश में लगा रहा है।
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