সোমবার, ২০ সেপ্টেম্বর, ২০২১

'दुश्मन' के इलाके में भी बसता है फ्रांस, पेरिस से 16,559 किमी दूर न्यू कैलेडोनिया द्वीप है ऑस्ट्रेलिया का पड़ोसी

नौमिया ऑस्ट्रेलिया ने अमेरिका और ब्रिटेन के साथ परमाणु ऊर्जा से चलने वाली सबमरीन को लेकर एक डील साइन की है। इस सौदे ने फ्रांस को बेहद नाराज कर दिया है। ऑस्ट्रेलिया ने फ्रांस के साथ अपने समझौते को खत्म कर अमेरिका से हाथ मिला लिया जिसे यूरोपीय देश ने 'धोखा' और 'पीठ पर छुरा घोंपना' बताया। ऑस्ट्रेलिया हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के दबदबे को चुनौती देने के लिए अमेरिका से हाथ मिला रहा है। भले ही पेरिस से इस क्षेत्र की दूरी हजारों किलोमीटर की है लेकिन ऑस्ट्रेलिया और 'फ्रांस' सीमाओं में सिर्फ कुछ ही मील का अंतर है। क्या आपको पता है कि पेरिस से 16559 किलोमीटर दूर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भी एक फ्रांस बसता है जिसकी ऑस्ट्रेलिया से दूरी महज 3285 किलोमीटर है। New Caledonia नाम का यह द्वीप फ्रांस का हिस्सा है और अमेरिका की तुलना में ऑस्ट्रेलिया का ज्यादा करीबी पड़ोसी है, ऐसे में फ्रांस की नाराजगी जायज है। आइए जानते हैं कि क्या और कहां है फ्रांस का New Caledonia द्वीप... भौगोलिक स्थिति पर नजर डालें तो न्यू कैलेडोनिया ऑस्ट्रेलिया के पूर्व में स्थित एक वीरान द्वीप नजर आता है जिसके चारों तरफ दूर-दूर तक जमीन नहीं है। इसके दक्षिण में न्यूजीलैंड है जिसकी दूरी यहां से 2384 किलोमीटर है। भारत से यह द्वीप 10 हजार किमी से भी ज्यादा दूरी पर स्थित है। पेरिस से हजारों किमी की दूरी के बाद भी यह फ्रांस का हिस्सा है और यहां की आधिकारिक भाषा फ्रेंच है। कनक आबादी है बहुसंख्यक दरअसल न्यू कैलेडोनिया एक द्वीप समूह है जिसमें दर्जनों द्वीप शामिल हैं। इसका क्षेत्र करीब 18,575 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। न्यू कैलेडोनिया ने आजादी के नाम पर अपनी कनक आबादी और यूरोपीय लोगों के बीच गहरे विभाजन देखे हैं। यहां कनक आबादी 39 फीसदी का प्रतिनिधित्व करती है जबकि यूरोपीय आबादी 27 फीसदी है जबकि अन्य लोग सिर्फ 'Caledonian' रूप में अपनी पहचान को पसंद करते हैं। रक्षा-शिक्षा के लिए फ्रांस पर निर्भरऑस्ट्रेलियाई व्यापार और निवेश आयोग के अनुसार क्षेत्र में न्यू कैलेडोनिया पर प्रति व्यक्ति आय सबसे ज्यादा है। न्यू कैलेडोनिया संसाधनों से भरा हुआ है, जहां दुनिया के निकल रिजर्व (Nickel Reserve) का करीब 10 फीसदी हिस्सा है। इस द्वीप समूह को बड़ी स्वायत्ता हासिल है लेकिन रक्षा और शिक्षा जैसे कई मामलों के लिए यह काफी हद तक फ्रांस पर निर्भर है। स्वतंत्रता के मुद्दे पर 1980 के दशक में हिंसा के बाद, '1998 नौमिया समझौते' पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों ने न्यू कैलेडोनिया की स्वायत्तता के लिए एक मार्ग तैयार किया। चुनाव में खारिज की आजादीइस समझौते के तहत न्यू कैलेडोनिया को स्वतंत्रता पर तीन जनमत संग्रह की अनुमति हासिल हुई। पहला जनमत संग्रह नवंबर 2018 में हुआ जिसमें 81 फीसदी मतदान हुआ। इस दौरान बहुमत आजादी के पक्ष में जाता नहीं दिखा और 56.4 फीसदी लोगों ने फ्रांस से आजादी को खारिज कर दिया जबकि 43.6 फीसदी लोगों न इसके पक्ष में वोट किया। लोवी इंस्टीट्यूट के अनुसार ज्यादातर कनक आबादी ने स्वतंत्रता के पक्ष में वोट किया था। वहीं आजादी के खिलाफ मतदान करने वालों में ज्यादातर लोग ऐसे थे जिनके पूर्वज फ्रांस में बसते थे। थिंक-टैंक ने कहा, 'इन नतीजों ने 'जातीय विभाजन' को जन्म दिया। जातीय आधार पर वोट का ध्रुवीकरण भविष्य के बड़ी चुनौती है।' द्वीप पर पैर पसार रहा चीनअक्टूबर 2020 में न्यू कैलेडोनिया ने फिर एक बार वोट किया जिसमें 85.69 फीसदी वोटिंग हुई। यह दिखाता है कि स्थानीय लोग बढ़चढ़ चुनाव में हिस्सा लेते हैं और अपने भविष्य का निर्धारण करने के लिए जागरुक हैं। इस दौरान 53.26 फीसदी लोगों ने स्वतंत्रता को अस्वीकार कर दिया जबकि 46.74 फीसदी लोगों ने इसके समर्थन में अपना मत दिया। फ्रांस के इस द्वीप पर चीन का प्रभाव धीरे-धीरे बढ़ रहा है। न्यू कैलेडोनिया के निर्यात का एक बड़ा हिस्सा चीन को जाता है, जिसमें ज्यादातर निकल शामिल है। न्यू कैलेडोनिया का अब तक का सफरफ्रांस के राष्ट्रपति न्यू कैलेडोनिया के हेड ऑफ स्टेट हैं जबकि सरकार के मुखिया Thierry Santa हैं। सैंटा को 2019 में Philippe Germain के दो कार्यकाल के बाद चुना गया था। राष्ट्रीय स्तर पर, न्यू कैलेडोनिया का प्रतिनिधित्व फ्रांसीसी संसद में दो डेप्युटीज और दो सीनेटरों द्वारा किया जाता है। एक नजर न्यू कैलेडोनिया के इतिहास और अब तक की यात्रा पर- 1774 : ब्रिटिश खोजकर्ता James Cook ने स्कॉटलैंड के लैटिन नाम पर इस वीरान द्वीप का नाम 'न्यू कैलेडोनिया' रखा। 1853 : फ्रांस ने द्वीप पर कब्जा कर लिया और उसका इस्तेमाल एक Penal Colony (सजा देने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला इलाका) के रूप में करना लगा। इसी दौरान यहां निकल रिजर्व की खोज से खनन उद्योग का विकास हुआ। 1878 : कनक लोगों ने विद्रोह कर दिया। जमीन पर कब्जे को लेकर फ्रांसीसियों और स्वदेशी लोगों के बीच संघर्ष हुआ। इसके बाद फ्रांस ने और ज्यादा दमन करना शुरू कर दिया। 1980 का दशक : फ्रांसीसी सेना और कनक अलगाववादियों के बीच भयानक संघर्ष हुआ। 1988 : यूरोपीय समुदाय और कनक के बीच Matignon समझौता सुलह का कारण बना, जिसने पेरिस से प्रत्यक्ष शासन को समाप्त करने और 1998 में स्वतंत्रता पर मतदान का प्रस्ताव किया। 1998 : नौमिया समझौते ने जिम्मेदारियों को फ्रांस से द्वीप को सौंपने के लिए एक समयसीमा तय की और स्वतंत्रता पर 1998 के जनमत संग्रह को स्थगित कर दिया। 2006 : कनक द्वारा लंबे समय तक की गई मांग के बाद फ्रांसीसी संसद ने क्षेत्र में फ्रांसीसी नागरिकों के मतदान अधिकारों को प्रतिबंधित करने के लिए वोट दिया। 2018 : न्यू कैलेडोनिया के वोटर्स ने नवंबर के जनमत संग्रह में फ्रांस से स्वतंत्रता को अस्वीकार कर दिया। 2020 : अक्टूबर 2020 में एक बार फिर बहुमत ने फ्रांस से आजादी को खारिज कर दिया।


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