সোমবার, ২০ সেপ্টেম্বর, ২০২১

भारत को फिर धोखा देने की तैयारी में चीनी सेना, LAC के पास बनाए नए 10 एयरबेस

पेइचिंग पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय जवानों पर धोखे से वार करने वाला चीन एक बार फिर से भारत को धोखा देने की फिराक में है। चीनी ड्रैगन ने लद्दाख विवाद के बीच भारत से लगती वास्‍तविक नियंत्रण रेखा पर अक्‍साई चिन से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक अपनी वायुसेना के लिए 10 नए एयरबेस बना लिए हैं। चीन बातचीत का झांसा देकर लगातार लद्दाख में भारत के दावे वाले इलाकों में लंबी दूरी तक निगरानी करने वाले सीसीटीवी कैमरे लगा रहा और आधारभूत ढांचे बना रहा ताकि भारतीय सेना की हर हलचल पर नजर रखी जा सके। द टेलिग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक इन एयरबेस के अलावा भारत से सटे अन्‍य पुराने हवाई और सैन्‍य ठिकानों को मजबूत किया जा रहा है। चीन के ये 10 नए हवाई ठिकाने लद्दाख, उत्‍तराखंड और अरुणाचल प्रदेश से लगते इलाकों में स्थित हैं। भारतीय सेना का अनुमान है कि चीन बातचीत का झांसा देकर भारतीय इलाके पर अपने दावे को मजबूत करने में जुट गया है। भारत के साथ बातचीत के नाम पर मिल रहे समय का इस्‍तेमाल चीनी सेना अपने लद्दाख के उन सैन्‍य ठिकानों को मजबूत करने में कर रही है जिन पर उसने अवैध कब्‍जा कर रखा है। 'सीमा विवाद के बीच यह बहुत गंभीर मामला' एक भारतीय सुरक्षा सूत्र ने कहा, 'खुफिया रिपोर्ट्स से पता चला है कि चीनी सेना ने लद्दाख, उत्‍तराखंड और अरुणाचल प्रदेश में कम से कम 10 नए एयरबेस बनाए हैं। पूर्वी लद्दाख में गत 16 महीने से चल रहे सीमा विवाद के बीच यह बहुत गंभीर मामला है।' उन्‍होंने कहा क‍ि चीनी सेना ने लद्दाख में भारत के दावे वाले इलाके के अंदर अतिरिक्‍त सैन्‍य कैंप और सीसीटीवी कैमरे के साथ वॉच टॉवर बनाए थे ताकि भारतीय सैनिकों की हर हलचल पर नजर रखी जा सके।' सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि चीन जिस तरह से एलएसी के पास और भारतीय दावे वाले में अपनी वायुसेना और सेना के आधारभूत ढांचे का विकास कर रहा है, यह भारत के लिए बहुत ही चिंताजनक बात है। उन्‍होंने कहा क‍ि ऐसा लगता है कि सीमा विवाद को सुलझाने के लिए चल रही बातचीत के नाम पर चीनी सेना इन स्‍थानों पर अपनी स्थिति को मजबूत करने में जुटी हुई है।' बता दें कि भारत और चीन के बीच हॉट स्प्रिंग और देपसांग के मैदानी इलाकों में गतिरोध बना हुआ है, वहीं गलवान घाटी, पैंगोंग लेक और गोगरा में आंशिक रूप से सेनाएं पीछे हटी हैं। 'चीन एलएसी पर एक नई यथास्थिति बनाना चाहता है' रणनीतिक रूप से बेहद अहम देपसांग के बारे में कहा जा रहा है कि चीनी सेना करीब 18 किलोमीटर तक भारतीय दावे वाले इलाके में मौजूद है। पूर्व सैन्‍य अधिकारियों का मानना है कि चीन एलएसी पर एक नई यथास्थिति बनाना चाहता है। वे गतवर्ष मई महीने से कब्‍जा किए इलाके को अब चीन अपना बताने में जुट गया है। उधर, चीन की इस चाल को देखते हुए भारत लगातार चीन के साथ लगती सीमा पर अपनी रक्षा तैयारी को बदल रहा है। भारत ने भी चीन के बराबर सेना, तोपें और युद्धक वाहन तैनात किए हैं।


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