इजरायल और फलस्तीन के बीच हालात एक बार फिर से तनावपूर्ण हो गए हैं। इजरायल ने फलस्तीनी चरमपंथी गुट हमास के भड़काऊ गुब्बारे छोड़े जाने के बाद गाजा में जोरदार बमबारी की है। इससे पहले मई में कई दिनों तक चले संघर्ष के बाद दोनों पक्षों के बीच सीजफायर हुआ था। इजरायल का कहना है कि हमास उसके इलाके में कॉन्डम के अंदर ज्वलनशील पदार्थ या विस्फोटक भरकर हमले कर रहा है। इजरायली वायुसेना के विमान ने बुधवार तड़के गाजा पट्टी में उग्रवादियों के स्थलों पर हमले किए। पिछले महीने हमास के साथ युद्ध को समाप्त करने वाले संघर्षविराम के बाद यह अपनी तरह का पहला इजरायली हमला है। इजरायली सेना ने कहा कि उसने उन केंद्रों को निशाना बनाया, जिनका इस्तेमाल हमास उग्रवादी हमलों की योजना बनाने के मकसद से बैठकें करने के लिए करते थे। आइए जानते हैं हमास के 'कॉन्डम बम' के बारे में सबकुछ....फलस्तीनी उग्रवादी गुट हमास के कॉन्डम बम और पतंग बम हमले से परेशान इजरायली सेना ने संघर्ष विराम तोड़ते हुए बुधवार को फलस्तीन के गाजा पट्टी में जोरदार बमबारी की। इजरायली हमले से गाजा में खौफ का दौर फिर से शुरू हो गया।

इजरायल और फलस्तीन के बीच हालात एक बार फिर से तनावपूर्ण हो गए हैं। इजरायल ने फलस्तीनी चरमपंथी गुट हमास के भड़काऊ गुब्बारे छोड़े जाने के बाद गाजा में जोरदार बमबारी की है। इससे पहले मई में कई दिनों तक चले संघर्ष के बाद दोनों पक्षों के बीच सीजफायर हुआ था। इजरायल का कहना है कि हमास उसके इलाके में कॉन्डम के अंदर ज्वलनशील पदार्थ या विस्फोटक भरकर हमले कर रहा है। इजरायली वायुसेना के विमान ने बुधवार तड़के गाजा पट्टी में उग्रवादियों के स्थलों पर हमले किए। पिछले महीने हमास के साथ युद्ध को समाप्त करने वाले संघर्षविराम के बाद यह अपनी तरह का पहला इजरायली हमला है। इजरायली सेना ने कहा कि उसने उन केंद्रों को निशाना बनाया, जिनका इस्तेमाल हमास उग्रवादी हमलों की योजना बनाने के मकसद से बैठकें करने के लिए करते थे। आइए जानते हैं हमास के 'कॉन्डम बम' के बारे में सबकुछ....
कॉन्डम के अंदर हमास के सदस्य भरते हैं विस्फोटक

दरअसल, चरमपंथी गुट हमास के सदस्य कॉन्डम को फुलाकर उसके अंदर कोयला जैसे ज्वलनशील पदार्थ भरते हैं और फिर से इजरायली इलाकों में उड़ा देते हैं। इन 'गुब्बारों' के फटने से आग लग जाती है। यही नहीं कई कॉन्डम के अंदर विस्फोटक पदार्थ भी भरकर उड़ाए जाते हैं जिससे वे जहां गिरते हैं, वहां पर विस्फोट हो जाता है। दक्षिणी इजरायल में इन गुब्बारों की वजह से आग लगने की घटनाएं काफी तेज हो गई हैं। टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के मुताबिक इन कॉन्डम गुब्बारों की वजह से इजरायल में हजारों एकड़ की फसल नष्ट हो गई है। इससे लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। इजरायली सेना के मुताबिक इन कॉन्डम गुब्बारों का उद्देश्य लोगों को मारना और भारी तबाही मचाना होता है। इन गुब्बारों की चपेट में अक्सर बच्चे आ जाते हैं जो लालच में फंसकर उसे छू देते हैं या उसे लेने दौड़ते हैं। इन विस्फोटों में कई इजरायली बच्चे भी घायल हुए हैं।
गुब्बारे ही नहीं विस्फोटक पतंगों से भी हमास का हमला

कॉन्डम गुब्बारे के अलावा घर में बनी पतंगे भी विस्फोटकों से लैस होती हैं और और उनके गिरने से इजरायली इलाकों में आग लग जाती है। इन गुब्बारों पर जन्मदिन की बधाई लिखी होती है या वे कॉन्डम के अंदर हवा भरकर बनाए गए होते हैं। इन पर आई लव यू तक लिखा होता है ताकि लोग उसकी लालच में फंसे और विस्फोट की चपेट में आ जाएं। इन गुब्बारों के आने पर पुलिस उन्हें नियंत्रित तरीके से विस्फोट करके उड़ाती है। कॉन्डम के इस्तेमाल से यह सवाल काफी समय से उठ रहा है कि यह आता कहां से है। इजरायली सेना के मुताबिक कई बार केवल एक गुब्बारा होता है और कई बार बड़ी तादाद में गुब्बारे एक साथ उड़ाए जाते हैं ताकि ज्यादा वजनी विस्फोटक पदार्थ को इजरायली इलाके में गिराया जा सके। हमास के इस काम में भूमध्य सागर से आने वाली तेज हवाएं भरपूर मदद करती हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक गुब्बारे या कॉन्डम से बने विस्फोटकों को मार गिराना आसान नहीं होता है। इस वजह से हमास के सदस्य में इन हमलों में काफी सफल हो जाते हैं।
दक्षिणी इजरायल में कॉन्डम बम हमले से लगी आग

इन हमलों के जवाब में इजरायली विमान ने बुधवार तड़के गाजा पट्टी में उग्रवादियों के ठिकानों पर जोरदार हमले किए। यह पिछले महीने हमास के साथ युद्ध को समाप्त करने वाले संघर्षविराम के बाद इस प्रकार का पहला हमला है। इजरायली सेना ने कहा कि उसने उन केंद्रों को निशाना बनाया, जिनका इस्तेमाल हमास उग्रवादी हमलों की योजना बनाने के मकसद से बैठकें करने के लिए करते थे। इन हमलों में किसी के हताहत होने की अभी कोई जानकारी नहीं मिली है। सैकड़ों की संख्या में इजराइल के धुर राष्ट्रवादियों ने ताकत का प्रदर्शन करने के लिए मंगलवार को पूर्वी यरूशलम में परेड की थी। इस घटनाक्रम के कारण गाजा पट्टी में हमास आतंकवादियों के साथ युद्ध विराम के महज कुछ ही सप्ताह बाद नये सिरे से हिंसा भड़कने का खतरा पैदा हो गया है। वहीं, गाजा में फलस्तीनियों ने गुब्बारे छोड़ कर इसका जवाब दिया। उनकी इस गतिविधि से दक्षिणी इजरायल में कम से कम 10 स्थानों पर आग लग गई।
इजरायल के नए प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट को चुनौती

यह मार्च इजराइल की नयी सरकार के लिए तथा इजराइल और हमास के बीच 11 दिनों के युद्ध को खत्म करने वाली पिछले महीने की संधि के लिए एक परीक्षा साबित होगी। फलस्तीनी इस मार्च को उकसावे वाली हरकत मान रहे हैं। हमास ने फलस्तीनियों से इस मार्च का प्रतिरोध करने की अपील की है। संगीत की धुन के साथ सैकड़ों की संख्या में यहूदी राष्ट्रवादी दमिश्क गेट के सामने बढ़ने से पहले सैकड़ों मीटर तक एकत्र हुए। उनमें से कई के हाथों में इजरायली झंडे थे और वे नाच रहे थे तथा धार्मिक गीत गा रहे थे। हालांकि, इस बार की भीड़ पिछले महीने की परेड की तुलना में काफी कम नजर आई। मार्च से पहले इजरायली पुलिस ने दमिश्क गेट के सामने के इलाके को खाली कराया, यातायात बंद कर दिया, दुकानों को बंद करने का आदेश दिया और युवा फलस्तीनी प्रदर्शनकारियों को वहां से भगा दिया। पुलिस ने बताया कि हिंसा में संलिप्तता के आरोप में 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से कुछ ने पुलिस पर हमला किया था और दो पुलिस अधिकारियों का इलाज कराना पड़ा। इस परेड ने इजराइल के नये प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट के लिए एक शुरूआती चुनौती पेश कर दी है। बेनेट एक कट्टरपंथी इजराइली राष्ट्रवादी हैं। इजरायली मीडिया की खबरों के मुताबिक, सेना को कब्जे वाले पश्चिमी तट पर और गाजा सीमांत क्षेत्र में अलर्ट पर रखा गया है।
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