রবিবার, ২৭ জুন, ২০২১

ब्रिटेन को उकसाने के लिए रूस की नई चाल, HMS क्वीन एलिजाबेथ से 30 किमी दूर शुरू किया मिसाइल युद्धाभ्यास

मॉस्को क्रीमिया को लेकर ब्रिटेन के साथ उलझे रूस ने प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को चिढ़ाने के लिए नई चाल चली है। भूमध्य सागर में गश्त कर रही ब्रिटिश रायल नेवी के एयरक्राफ्ट कैरियर HMS क्वीन एलिजाबेथ के पास मिसाइल युद्धाभ्यास करने जा रही है। रूसी नौसेना के युद्धाभ्यास वाले क्षेत्र की HMS क्वीन एलिजाबेथ से दूरी मात्र 30 किलोमीटर ही है। हजारों किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से उड़ने वाली किसी भी मिसाइल या लड़ाकू विमान के लिए यह दूरी कोई मायने नहीं रखती है। कुछ दिन पहले ही रूस ने क्रीमिया के पास से ब्रिटिश युद्धपोत HMS डिफेंडर को खदेड़ा था। रूस ने जारी किया NOTAM रूस के रक्षा मंत्रालय ने इस क्षेत्र में ब्रिटिश एयरक्राफ्ट कैरियर के आते ही मिसाइल टेस्ट के लिए NOTAM जारी कर दिया है। दरअसल यह एक चेतावनी होती है कि इस क्षेत्र में किसी घातक फ्लाइंग ऑब्जेक्ट का टेस्ट किया जाएगा। इसमें मिसाइल, ड्रोन जैसे उड़ने वाले हथियारों का परीक्षण किया जाता है। जिससे उस क्षेत्र में उड़ान और समुद्री परिवहन पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है। युद्धाभ्यास में रूस के ये जंगी जहाज मचाएंगे तबाही इस नोटिस के मुताबिक, रूसी नौसेना के युद्धपोत और पनडुब्बियां इस क्षेत्र में शनिवार (बीते) से युद्धाभ्यास शुरू करने वाली हैं। रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इसमें पांच युद्धपोत, दो पनडुब्बियां, Tu-22M3 स्ट्रैटजिक बॉम्बर, हाइपरसोनिक मिसाइल दागने वाले मिग-31के लड़ाकू विमान शामिल होंगे। यह भी जानकारी दी गई है कि अभ्यास के शुरू होने से पहले ही दो मिग-31K लडाकू विमान सीरिया में रूस के खमीमिम एयर बेस में पहुंच गए हैं। भूमध्य सागर में गश्त लगा रहा ब्रिटिश एयरक्राफ्ट कैरियर ब्रिटिश एयरक्राफ्ट कैरियर एचएमएस क्वीन एलिजाबेथ इन दिनों ऑपरेशन तैनाती के हिस्से में पिछले एक महीने से भूमध्य सागर में गश्त लगा रहा है। वर्तमान में ब्रिटिश नौसेना का यह एयरक्राफ्ट कैरियर साइप्रस के दक्षिण में है। इसका उद्देश्य ग्लोबल ब्रिटेन की अवधारणा और पीएम बोरिस जॉनसन की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करना है। ब्रिटेन इस युद्धपोत के सहारे रॉयल नेवी की छवि को यूरोप की सबसे शक्तिशाली नौसेना के रूप में स्थापित करना है। चएमएस क्वीन एलिजाबेथ पर तैनात हैं ये जंगी हथियार एयरक्राफ्ट कैरियर एचएमएस क्वीन एलिजाबेथ को पूरे फ्लीट या स्टाइकर समूह में एफ-35बी लाइटनिंग फाइटर जेट के दो स्क्वाड्रन, स्टेल्थ लड़ाकू विमान, दो टाइप 45 श्रेणी के डिस्ट्रॉयर, दो टाइप 23 फिग्रेट, दो टैंकर और हेलिकॉप्टर्स का बेड़ा शामिल है। इसे एशिया और यूरोप के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर गश्त लगाने के लिए कुछ महीने पहले ही ब्रिटेन से रवाना किया गया है। चर्चा है कि इस युद्धपोत के साथ होने वाले युद्धाभ्यास में ऑस्ट्रेलिया और कनाडा को भी आमंत्रित किया जा सकता है। एयरक्राफ्ट कैरियर किलर है रूस का Tu-22M3 विमान रूस के परमाणु बॉम्बर टीयू-22एम3 (Tu-22M3) को एयरक्राफ्ट कैरियर किलर के नाम से जाना जाता है। यह समुद्र में किसी भी ताकतवर युद्धपोत को पल भर में बर्बाद कर सकता है। टीयू-22एम3 को सोवियत संघ के जमाने के टीयू-22एम से विकसित किया गया है। जो सुपरसोनिक स्पीड से 5100 किलोमीटर की दूरी तक हमला करने में सक्षम है। परमाणु हमला करने में सक्षम इस घातक बमवर्षक विमान की अधिकतम रफ्तार 2300 किलोमीटर प्रति घंटा है। 40 मीटर लंबा और 34 मीटर चौड़ा यह बॉम्बर टर्बोजेट इंजन की मदद से उड़ान भरता है। रडार को चकमा दे सकता है रूस का यह बॉम्बर अमेरिका को भी इस घातक बॉम्बर से डर लगता है। क्योंकि, यह बॉम्बर रडार की पकड़ से बचने के लिए काफी नीचे उड़ान भरने में सक्षम है। अमेरिका के नेतृत्व वाले सैन्य संगठ नाटो ने इसे बैकफायर-सी ( Backfire-C) का नाम दिया है। इसमें हवा में ईंधन भरने के लिए एरियल रिफ्यूलिंग नोज को भी लगाया गया है। जो इसकी रेंज को और अधिक बढ़ा देता है। रूस ने अपने इस जहाज को सीरिया के जंग के मैदान में टेस्ट भी किया है। जहां इसने अपनी भीषण बमबारी से कई आतंकी ठिकानों को बर्बाद कर दिया था।


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